वो सपना जो अधूरा रह गया
बात उन दिनों की है जब दादाजी हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर एक ही बात कहते थे —
“एक बार काशी जाना है। गंगा में डुबकी लगाऊँगा, तो लगेगा जीवन सफल हुआ।”
दादी भी मुस्कुराते हुए जोड़ देती थीं — “और द्वारका भी।”
हम सब सुनते थे। हाँ भी कहते थे। लेकिन कभी तारीख नहीं बनी।
कभी बेटे की परीक्षा थी, कभी बेटी की शादी, कभी घर की मरम्मत। ज़िंदगी में हमेशा कोई न कोई ज़िम्मेदारी आगे खड़ी रहती है — और तीर्थ यात्रा की बारी बस “अगली बार” पर टलती रहती है।
यह सिर्फ हमारे घर की कहानी नहीं है।
हर घर में एक ऐसे बुज़ुर्ग हैं जिनकी आँखों में एक तीर्थ का सपना है — और एक ऐसी संतान जो चाहकर भी वो सपना पूरा नहीं कर पाई।
इसीलिए हमने सोचा — क्यों न एक ऐसी योजना बनाई जाए जो इस सपने को सच में बदल सके?
न महंगी, न थकाने वाली — बस सरल, सुविधाजनक, और यादगार।
यही इस यात्रा की शुरुआत है।
इस article में हम बात करेंगे — कैसे आप अपने माता-पिता या दादा-दादी की तीर्थ यात्रा को plan कर सकते हैं, बिना किसी परेशानी के।
Table of Contents
Shravan Tirth Darshan Yojana क्या है?
सीधे शब्दों में कहें तो — यह गुजरात सरकार की एक ऐसी योजना है जो आपके बुज़ुर्गों के तीर्थ यात्रा के सपने को सरकारी मदद से पूरा करती है।
1 मई 2017 को गुजरात स्थापना दिवस के अवसर पर इस योजना की शुरुआत की गई थी। तब से लेकर अब तक 1.5 लाख से अधिक बुज़ुर्ग श्रद्धालु इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य है — राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को गुजरात के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए प्रोत्साहित करना।
लेकिन यह सिर्फ धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं है। इसके पीछे कुछ और भी सोच है —
आर्थिक सहायता: बस यात्रा का 75% खर्च सरकार उठाती है, साथ ही प्रतिदिन भोजन और आवास के लिए ₹50-₹50 की सहायता दी जाती है।
सांस्कृतिक जुड़ाव: इस योजना के ज़रिए गुजरात की सांस्कृतिक धरोहर को भी बढ़ावा दिया जाता है और स्थानीय धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलता है।
समावेशी सोच: यह योजना राज्य के सभी समुदायों के वरिष्ठ नागरिकों के लिए है — जाति, धर्म, या लिंग का कोई बंधन नहीं।
सरल भाषा में — सरकार चाहती है कि कोई भी बुज़ुर्ग सिर्फ पैसों की कमी की वजह से अपनी तीर्थ यात्रा का सपना अधूरा न छोड़े।

यह योजना सिर्फ सब्सिडी नहीं — यह सम्मान है
बस का किराया कम करना तो एक काम था। लेकिन इस योजना ने कुछ और भी किया।
इसने एक संदेश दिया — “आपकी आस्था की कीमत है, और हम उसे समझते हैं।”
धार्मिक ज़रूरत, भावनात्मक ज़रूरत
उम्र के एक पड़ाव पर इंसान के लिए तीर्थ यात्रा सिर्फ घूमना नहीं होती। यह एक अधूरी इच्छा को पूरा करना होता है, मन को शांति देना होता है।
जो बुज़ुर्ग दशकों से सोच रहे थे “एक बार द्वारका जाना है… एक बार सोमनाथ के दर्शन करने हैं” — उनके लिए यह योजना एक उपहार बनकर आई।
परिवार और समाज पर असर
जब दादा-दादी तीर्थ से लौटते हैं, तो घर में एक अलग खुशी होती है। बच्चों को भी संतोष मिलता है कि हम उनका सपना पूरा कर सके।
और समाज के नज़रिए से देखें तो — यह योजना यह भी बताती है कि बुज़ुर्गों की ज़रूरतें भी उतनी ही ज़रूरी हैं जितनी किसी और की।
सरकारी योजनाएं अक्सर कागज़ों पर अच्छी लगती हैं। यह योजना ज़मीन पर भी असर करती है — और यही इसे खास बनाता है।
योजना के मुख्य लाभ — जानिए क्या-क्या मिलता है
अगर आप सोच रहे हैं कि “इसमें असल में मिलता क्या है?” — तो यहाँ एकदम सीधी बात।
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| बस किराया सहायता | 75% सरकार देती है |
| ST बस सहायता | ₹5,000 तक |
| Private बस सहायता | ₹7,000 तक |
| यात्रा अवधि | 3 दिन 3 रात (72 घंटे) |
| पात्रता | सभी धर्म व समुदाय |
कौन कर सकता है आवेदन? — पात्रता की पूरी जानकारी
इस योजना का लाभ उठाना है तो पहले यह जान लें कि आप या आपके घर के बुज़ुर्ग इसके लिए eligible हैं या नहीं।
आयु सीमा
आवेदक की उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। बस — यही सबसे पहली और सबसे ज़रूरी शर्त है।
गुजरात का स्थायी निवासी होना ज़रूरी
यह योजना सिर्फ गुजरात के स्थायी निवासियों के लिए है। आवेदन के समय निवास प्रमाण पत्र देना होगा।
समूह में जाना अनिवार्य
यहाँ एक ज़रूरी बात — अकेले आवेदन नहीं होता। कम से कम 27 लोगों का समूह होना चाहिए तभी आवेदन स्वीकार किया जाएगा।
यानी मोहल्ले के, मंदिर के, या परिचितों के बुज़ुर्गों को मिलाकर एक group बनाना होगा। यह शर्त थोड़ी मुश्किल लग सकती है, लेकिन इसका फायदा यह है कि साथ में जाने से यात्रा और भी यादगार बन जाती है।
अन्य पात्रता शर्तें
- जाति, धर्म या लिंग का कोई बंधन नहीं — सभी समुदाय पात्र हैं
- यात्रा केवल गुजरात के तीर्थ स्थलों तक सीमित है
- यात्रा की अवधि 72 घंटे या 2,000 किमी से अधिक नहीं होनी चाहिए
- व्यक्तिगत (individual) आवेदन मान्य नहीं — केवल group application

किन तीर्थ स्थलों की यात्रा की जा सकती है?
गुजरात में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, चार धामों में से एक, और 51 शक्तिपीठों में से प्रमुख — सब एक ही राज्य में। इस योजना में इन सभी तक पहुँचने का मौका मिलता है।
प्रमुख तीर्थ स्थल
सोमनाथ मंदिर — 12 ज्योतिर्लिंगों में सर्वप्रथम, समुद्र तट पर स्थित।
द्वारकाधीश मंदिर — चार धामों में से एक, श्रीकृष्ण की नगरी।
अंबाजी मंदिर — 51 शक्तिपीठों में आद्यशक्ति पीठ।
पावागढ़ महाकाली मंदिर — UNESCO World Heritage Site, रोपवे सुविधा उपलब्ध।
पालीताणा — जैन धर्म का सबसे पवित्र तीर्थ।
डाकोर — रणछोड़राय मंदिर, वैष्णव श्रद्धालुओं का प्रिय स्थान।
गिरनार, जूनागढ़ — हिंदू और जैन दोनों के लिए पवित्र।
शामलाजी, बहुचराजी, पावागढ़ — अन्य प्रमुख शक्तिपीठ।
हर धर्म, हर आस्था के लिए गुजरात में एक पवित्र स्थान है — और यह योजना वहाँ तक पहुँचना आसान बनाती है।
आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
आवेदन करने से पहले ये सभी दस्तावेज़ तैयार रखें — ताकि process में कोई रुकावट न आए।
| दस्तावेज़ | उद्देश्य |
|---|---|
| आधार कार्ड | पहचान प्रमाण |
| आयु प्रमाण | 60+ आयु की पुष्टि |
| निवास प्रमाण | गुजरात निवासी होने की पुष्टि |
| पासपोर्ट फोटो | आवेदन फॉर्म हेतु |
| यात्रा योजना | group विवरण व गंतव्य |
एक ज़रूरी सलाह — सभी दस्तावेज़ों की 2-2 photocopies पहले से तैयार रखें। इससे ST depot पर जमा करते समय समय और परेशानी दोनों बचेंगे।

आवेदन कैसे करें? — Step-by-Step
आवेदन करने के दो तरीके हैं — Online और Offline। जो आसान लगे, वो चुनें।
Online Process
Step 1 — पोर्टल पर जाएँ Gujarat Pavitra Yatradham Vikas Board की official website खोलें
Step 2 — Registration करें “New Application” पर click करें। अपना नाम, मोबाइल नंबर, और ज़रूरी जानकारी भरकर account बनाएं।
Step 3 — Pilgrim Details भरें “Add Pilgrim” option में जाकर group के सभी 27+ सदस्यों की जानकारी एक-एक करके भरें — नाम, आयु, आधार नंबर।
Step 4 — Documents Upload करें आधार कार्ड, आयु प्रमाण, निवास प्रमाण, और फोटो — सभी scan करके upload करें।
Step 5 — यात्रा योजना भरें और Submit करें कहाँ जाना है, कब जाना है — यह details भरें और form submit कर दें। Confirmation आपके मोबाइल पर आ जाएगी।
Offline Process
जो online process से comfortable नहीं हैं, उनके लिए offline तरीका और भी आसान है।
Step 1 — नज़दीकी GSRTC Depot पर जाएँ अपने शहर के State Transport Depot पर जाएँ और Shravan Tirth Darshan Yojana का application form माँगें। यह मुफ्त मिलता है।
Step 2 — Form भरें सभी जानकारी ध्यान से भरें — group के सभी सदस्यों का विवरण, यात्रा का गंतव्य, और तारीख।
Step 3 — Documents साथ जमा करें भरे हुए form के साथ सभी documents की photocopies लगाएँ और depot पर जमा कर दें।
Step 4 — Confirmation लें जमा करने के बाद receipt या acknowledgment ज़रूर लें — यह आगे काम आएगी।
आप form सीधे GPYVB के Gandhinagar office में भी जमा कर सकते हैं — 📍 Block 2 & 3, 1st Floor, Dr. Jivraj Mehta Bhavan, Gandhinagar – 382016
एक असली कहानी — जो आपके घर की भी हो सकती है
आपके 65 वर्षीय पिताजी वर्षों से कह रहे हैं — “एक बार द्वारका हो जाए तो बस…”
इरादा है, आस्था है — बस खर्च आड़े आता है।
योजना से क्या बदलता है?
मोहल्ले के 26 और बुज़ुर्गों के साथ group बना, आवेदन हुआ। ₹2,000 के बस किराए में से ₹1,500 सरकार ने दिए। पिताजी की जेब से निकले सिर्फ ₹500।
3 दिन, 3 रात — द्वारकाधीश के दर्शन हुए।
योजना से क्या बदलता है?
मोहल्ले के 26 और बुज़ुर्गों के साथ group बना, आवेदन हुआ। ₹2,000 के बस किराए में से ₹1,500 सरकार ने दिए। पिताजी की जेब से निकले सिर्फ ₹500।
3 दिन, 3 रात — द्वारकाधीश के दर्शन हुए।
घर पर असर?
जिस दिन पिताजी लौटे — उनके चेहरे पर एक अलग ही संतोष था। और आपको अंदर से एक सुकून मिला —
“हम उनके लिए कुछ कर सके।”
यही इस योजना का सबसे बड़ा फायदा है — पैसों से नहीं, एहसास से नापा जाता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
गुजरात के सभी स्थायी निवासी जिनकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है — चाहे किसी भी जाति, धर्म या समुदाय के हों।
Q2. न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए? 60 वर्ष।
इससे कम आयु के व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
Q3. क्या अकेला व्यक्ति आवेदन कर सकता है?
नहीं। यह योजना केवल group के लिए है। आवेदन के लिए कम से कम 27 सदस्यों का समूह होना अनिवार्य है।
Q4. क्या यात्रा गुजरात के बाहर की जा सकती है?
नहीं। यह योजना केवल गुजरात के तीर्थ स्थलों के लिए है। राज्य के बाहर की यात्रा पर कोई सहायता नहीं मिलती।
Q5. आवेदन कहाँ करना होगा? दो तरीके हैं —
- Online:
yatradham.gujarat.gov.inपर - Offline: नज़दीकी GSRTC Depot पर जाकर
अंत में — एक ज़रूरी बात
हमारे बुज़ुर्गों ने पूरी ज़िंदगी परिवार के लिए जिए। उनकी ख्वाहिशें हमेशा पीछे रहीं — बच्चों की पढ़ाई आगे, घर की ज़रूरतें आगे, बाकी सब बाद में।
Shravan Tirth Darshan Yojana उन्हीं के लिए है — जिन्होंने सपना देखा, लेकिन कभी मौका नहीं मिला।
अब मौका है।
सरकार खर्च उठा रही है। रास्ता आसान है। बस ज़रूरत है तो थोड़ी सी पहल की।
अगर आपके घर में, मोहल्ले में, या परिवार में कोई बुज़ुर्ग हैं जो तीर्थ यात्रा का सपना मन में लिए बैठे हैं — तो यह article उन तक ज़रूर पहुँचाइए।
शायद आपका एक share किसी के दादाजी को सोमनाथ पहुँचा दे। शायद आपकी एक जानकारी किसी की दादी की द्वारका की इच्छा पूरी कर दे।
कुछ सपने पूरे होने के लिए ही बने होते हैं — बस किसी को उनकी याद दिलानी होती है।

